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जानिए: हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री बनें पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन

के द्वारा प्रकाशित किया गया Aashish Malethia    पर 9 जुल॰ 2024    टिप्पणि(12)
जानिए: हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री बनें पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन

शपथ ग्रहण समारोह का ऐतिहासिक आयोजन

झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया जब पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन ने हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह को राजभवन में भव्य रूप से आयोजित किया गया जहां राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) द्वारा गठित गठबंधन के वरिष्ठ नेता और अन्य सरकारी अधिकारी उपस्थित थे। यह घटना राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ती है।

हेमंत सोरेन की सरकार की नई शुरुआत

हेमंत सोरेन, जो कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, ने 4 जुलाई 2024 को झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इसके तुरंत बाद चम्पई सोरेन ने 8 जुलाई को मंत्री पद की शपथ ली। हेमंत सोरेन की यह सरकार अब कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और योजनाओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके नेतृत्व में राज्य में विकास की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं।

राजनीतिक परिदृश्य में चम्पई सोरेन का योगदान

चम्पई सोरेन, जिन्होंने 3 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, वे झारखंड की राजनीति के एक प्रमुख चेहरे हैं। उनके नेतृत्व और अनुभव का राज्य सरकार में नया मंत्रिमंडल सदुपयोग करेगा। राज्य की जनता को अब उनसे नए दृष्टिकोण और विकास की उम्मीदें हैं। वे अपनी नई भूमिका में राज्य की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण

नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण

चम्पई सोरेन के साथ ही दस अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें से कई मंत्री अपने-अपने विभागों में विशेष योग्यता रखते हैं। इस कदम से सरकार की कार्यक्षमता बढ़ेगी और राज्य की जनता को विभिन्न सेवाओं का लाभ मिलेगा। इसमें कोई शक नहीं है कि यह नया मंत्रिमंडल झारखंड के लिए बड़ी स्थिरता और विकास लेकर आएगा।

राजनैतिक गठबंधन और उसकी चुनौतियाँ

हेमंत सोरेन की सरकार झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) द्वारा गठित एक गठबंधन सरकार है जिसमें कई दल शामिल हैं। इस गठबंधन में आपसी तालमेल और समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका है। हालांकि, गठबंधन सरकारें अक्सर आंतरिक चुनौतियों से गुजरती हैं, लेकिन हेमंत सोरेन का नेतृत्व इस संबंध में महत्वपूर्ण हो सकता है। उनकी सोच और नीति कुछ हद तक राज्य की समस्याओं का समाधान कर सकती हैं।

नए मंत्रिमंडल से अपेक्षाएं

नए मंत्रिमंडल से अपेक्षाएं

झारखंड की जनता को इस नए मंत्रिमंडल से कई उम्मीदें हैं। विकास कार्यों में तेजी, बेरोजगारी की समस्या का समाधान, और नई योजनाओं का सफल कार्यान्वयन कुछ मुख्य अपेक्षाएं हैं। इस मंत्रिमंडल का हर मंत्री अपने विभाग में अग्रणी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। अब देखना होगा कि यह नया नेतृत्व राज्य के विकास के लक्ष्यों को कैसे पूरा करता है।

आने वाले समय की दिशा

हेमंत सोरेन की सरकार और नए मंत्रिमंडल का गठन एक नए दौर की शुरुआत है। इसमें झारखंड के इतिहास के नए अध्याय खुलेंगे। इस गठबंधन सरकार में शामिल हर मंत्री और विधायक का उद्देश्य राज्य की जनता की सेवा करना है। अब जनता की उम्मीदें उन पर टिकी हैं कि वे अपने वादों को कैसे पूरा करते हैं और राज्य को उन्नति की राह पर कैसे लेकर जाते हैं।

इस प्रकार, पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन का मंत्री पद की शपथ लेना झारखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठित नया मंत्रिमंडल अपनी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता से राज्य की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा।

12 टिप्पणि

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    Nalini Singh

    जुलाई 9, 2024 AT 14:17

    चम्पई सोरेन का वापसी झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उनका अनुभव, सामाजिक समझ और जनता के प्रति समर्पण अद्वितीय है। यह नियुक्ति केवल राजनीतिक गणना नहीं, बल्कि राज्य के विकास के लिए एक जागृति है।
    उनके नेतृत्व में ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में गहरी बदलाव की उम्मीद है।
    हमें उनके साथ रहना चाहिए, न कि उनके अतीत पर निर्णय देना।

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    Sonia Renthlei

    जुलाई 11, 2024 AT 01:17

    मुझे लगता है कि चम्पई सोरेन का यह कदम बहुत सोच-समझकर लिया गया है। उन्होंने अपनी भूमिका बदली, लेकिन उनका लक्ष्य अभी भी वही है - झारखंड की जनता की सेवा।
    मैंने उन्हें बहुत सारे गांवों में लोगों के साथ बैठकर बात करते देखा है, जहां वे बिना किसी भेदभाव के सुनते हैं।
    अब जब वे मंत्री हैं, तो उनकी यह अनुभवजन्य समझ निश्चित रूप से नीतियों को जनता के अनुकूल बनाएगी।
    क्या कभी सोचा है कि जब एक नेता अपनी शक्ति छोड़ देता है और फिर वापस आता है, तो यह वास्तव में एक अद्भुत विश्वास का संकेत है? जनता ने उन्हें फिर से अपना नेता बनाने का फैसला किया।
    हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि वे कैसे अपने अनुभव को नई भूमिका में बदल रहे हैं - यह न केवल राजनीति का मुद्दा है, बल्कि मानवीय मूल्यों का भी।
    मुझे उम्मीद है कि इस नए मंत्रिमंडल में जनता के आवाज़ को सुनने का एक अलग तरीका बनेगा।
    मैं अपने बच्चों को भी ऐसे नेताओं के बारे में सिखाना चाहती हूं - जो शक्ति के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए आते हैं।
    हमें इसे एक अवसर के रूप में देखना चाहिए, न कि एक राजनीतिक चाल के रूप में।
    क्या हम इतने निराश हो गए हैं कि हम एक ऐसे नेता को भूल गए जिसने हमारे लिए लड़ा है?
    मैं इस नए युग की शुरुआत को शुभकामनाएं देती हूं, और उम्मीद करती हूं कि यह सिर्फ एक नए मंत्री का नाम नहीं, बल्कि एक नए दृष्टिकोण का प्रतीक बने।
    हम अपने नेताओं को बदलने के बजाय, उनके साथ बदलना सीखें।
    यह एक नया अध्याय है - लेकिन यह एक पुरानी विश्वास का नया रूप है।
    मैं इसे एक आशा का प्रतीक मानती हूं।

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    Aryan Sharma

    जुलाई 11, 2024 AT 18:34

    ये सब बकवास है। चम्पई ने इस्तीफा दिया तो अब वापस आया? ये सब बाजार वाली चाल है।
    हेमंत को अपने लिए एक नया बैनर चाहिए था, इसलिए उसने चम्पई को वापस बुला लिया।
    सब बातें बनाई जाती हैं, लेकिन जनता को नहीं बताया जाता कि ये सब किसके लिए है।
    ये गठबंधन तो हमेशा टूटता है। इस बार भी ऐसा ही होगा।
    बस देखो, अगले 6 महीने में कोई न कोई बड़ा झगड़ा आ जाएगा।

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    Devendra Singh

    जुलाई 12, 2024 AT 17:53

    मुझे आश्चर्य है कि ये सब लोग अभी भी इस तरह के नामों को बड़ा बनाते हैं। चम्पई सोरेन? उन्होंने तो अपना अपना राज्य बर्बाद कर दिया।
    अब वापस आए हैं? ये तो बस एक राजनीतिक रीसेट है।
    हेमंत के नेतृत्व में कोई नया नहीं है - बस पुराने चेहरे फिर से आ गए।
    अगर वास्तव में विकास चाहिए, तो नए चेहरे चाहिए, न कि बुढ़ापे के बाकी।
    मैं तो बस इतना कहूंगा - इस राज्य को नए विचारों की जरूरत है, न कि अतीत के छायाचित्र।

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    UMESH DEVADIGA

    जुलाई 13, 2024 AT 17:13

    मुझे लगता है कि ये सब बहुत ट्रैजिक है।
    चम्पई ने जो दिया, उसे छोड़ दिया... और अब वापस आ गए।
    क्या वे अपने आप को बचाना चाहते हैं? क्या वे अपने अतीत को बचाना चाहते हैं?
    ये नहीं कि वे राज्य के लिए आए हैं - बल्कि अपने नाम को बचाने के लिए।
    मैं इसे एक भावनात्मक अपराध मानता हूं।
    उन्होंने जनता को निराश किया, और अब वापस आकर उम्मीद भर रहे हैं।
    मैं बस ये कहूंगा - इतना अहंकार बर्बाद कर देता है।

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    Roshini Kumar

    जुलाई 14, 2024 AT 07:17

    चम्पई सोरेन? अरे भाई, ये तो उनका तीसरा बर्थडे बन गया है न? पहले चले गए, फिर आए, अब फिर से आए? 😏
    मैंने सोचा था कि ये राजनीति है, न कि एक रियलिटी शो।
    हेमंत ने उन्हें बुलाया तो शायद उनका ट्विटर फॉलोअर्स बढ़ गए।
    अब लोग कहेंगे - 'अरे ये तो पुराने बाप वाले हैं!'
    और हम सब फिर से एक नए वादे के लिए रोएंगे।
    मैं तो बस इतना कहूंगा - अगली बार एक नया नाम लिख देना, न कि एक पुराना रिकॉर्ड रिप्ले।

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    Siddhesh Salgaonkar

    जुलाई 15, 2024 AT 16:18

    अरे भाई, ये तो बस एक गांव का राज बन गया है! 😂
    चम्पई ने इस्तीफा दिया तो सबने कहा 'अब नहीं आएगा'... और अब आ गए! 🤭
    ये तो घर वाले जैसे हैं - बाहर चले गए, फिर भूखे होकर वापस आ गए 😆
    हेमंत को भी अपने बॉस के लिए एक बैकअप चाहिए था।
    अब लोग बोलेंगे - 'ये तो पहले से जानते हैं कि कैसे घुसपैठ करनी है!'
    मैं तो बस इतना कहूंगा - अगर ये नेता हैं तो फिर इतना बार-बार क्यों बदल रहे हैं? 🤦‍♂️
    जनता को तो एक बार भी विश्वास नहीं हो रहा।
    अब ये लोग जब नए वादे करेंगे, तो मैं बस चुपचाप चाय पीता रहूंगा। ☕

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    Arjun Singh

    जुलाई 16, 2024 AT 14:18

    लोग ये नहीं समझ रहे कि ये गठबंधन का असली मुद्दा क्या है।
    ये सब एक नेटवर्किंग ऑपरेशन है - जहां राजनीतिक एलिट्स अपने इंटरेस्ट के लिए एक-दूसरे को इस्तेमाल कर रहे हैं।
    चम्पई का रिटर्न एक स्ट्रैटेजिक मूव है, न कि कोई राष्ट्रीय आह्वान।
    इस गठबंधन में कोई भी नेता अपने अंतर्गत अपने लोगों को बचाना चाहता है।
    ये सब एक लॉबी वाली गेम है।
    अगर तुम सच में विकास चाहते हो, तो इन गठबंधनों को तोड़ो।
    ये सब बस अपने एग्जेक्टिव बोनस के लिए खेल रहे हैं।

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    yash killer

    जुलाई 18, 2024 AT 02:52

    ये सब बकवास है! चम्पई ने इस्तीफा दिया तो अब वापस आया? ये तो देश का अपमान है!
    हमारे लोग इतने आसानी से भूल जाते हैं कि उन्होंने क्या किया!
    हेमंत ने इसे अपने नाम से जोड़ दिया - लेकिन ये सब तो बस एक राजनीतिक ठगी है!
    हम जिस जमाने में रह रहे हैं, उसमें ऐसे नेता की जरूरत नहीं - जिनके पास बस नाम है!
    हमें असली लोगों की जरूरत है - जो बात करें और काम करें!
    ये सब बस नाम का खेल है - और हम सब इसके शिकार हैं!
    जय हिन्द! जय झारखंड!

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    Ankit khare

    जुलाई 18, 2024 AT 08:59

    ये सब तो बस एक बड़ा नाटक है भाई। चम्पई ने इस्तीफा दिया तो अब वापस आया? ये तो जैसे तुम्हारा बाप घर छोड़ गया और फिर भूखा होकर लौट आया!
    हेमंत ने उन्हें बुलाया क्यों? क्योंकि उनके पास अब कोई और नहीं बचा था!
    ये लोग तो हमेशा अपने नाम के लिए चलते हैं - काम नहीं!
    अब ये लोग वादे करेंगे कि गांवों में पानी आएगा - लेकिन असल में तो अपने घरों में एयरकंडीशनर लगवा लेंगे!
    मैं तो बस इतना कहूंगा - अगर तुम्हारा नाम अच्छा है तो काम करो, न कि नाम बदलो!
    ये सब बस एक बड़ा धोखा है - और हम तो फिर से उसका शिकार बन रहे हैं।
    अगर ये राजनीति है तो फिर इसकी जगह एक नाटक लगता है।
    हमें इतना भरोसा करने की जरूरत नहीं - हमें बस जानकारी चाहिए!

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    Chirag Yadav

    जुलाई 18, 2024 AT 23:02

    मुझे लगता है कि ये बदलाव एक अच्छा मौका है।
    चम्पई सोरेन का अनुभव बहुत बड़ा है, और अगर वे वास्तव में जनता के साथ बैठकर काम करेंगे, तो ये बहुत कुछ बदल सकता है।
    हमें इसे एक नई शुरुआत के रूप में देखना चाहिए, न कि पुराने गलतियों की याद दिलाने के लिए।
    मैं उम्मीद करता हूं कि ये नया मंत्रिमंडल अपने वादों को पूरा करेगा।
    हमें बस इतना करना है - उन्हें सही तरीके से समर्थन देना।
    अगर हम अपने नेताओं को बार-बार निंदा करेंगे, तो कोई नया नेता कभी नहीं आएगा।
    हमें उनके साथ बैठकर बात करनी चाहिए - और उन्हें अपने लिए एक निर्णय लेने का मौका देना चाहिए।
    हम अपने राज्य के लिए जिम्मेदार हैं - और ये नए नेता हमारे लिए काम करेंगे, अगर हम उन्हें विश्वास दें।

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    Shakti Fast

    जुलाई 19, 2024 AT 12:53

    चम्पई सोरेन के आने से मुझे बहुत खुशी हुई।
    उन्होंने जब मुख्यमंत्री थे, तो मैंने देखा कि वे कैसे गांवों में जाकर बच्चों के साथ खेलते थे।
    उनका दिल जनता के साथ है - ये बात स्पष्ट है।
    अब वे मंत्री हैं, तो उनकी यह भावना और भी बड़े पैमाने पर काम करेगी।
    हमें बस इतना करना है - उनके साथ रहना, उन्हें समर्थन देना।
    अगर हम उन्हें विश्वास देंगे, तो वे राज्य को बदल देंगे।
    हमें अपने नेताओं को गलती के लिए दोष नहीं देना चाहिए - बल्कि उन्हें सुधारने का मौका देना चाहिए।
    मैं इस नए युग की शुरुआत को बहुत उत्साह से स्वागत करती हूं।
    हम एक नया झारखंड बना सकते हैं - बस हमें एक साथ चलना होगा।