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कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल ने केरल उच्च न्यायालय में गिरफ्तारी से बचने के लिए याचिका दायर की

के द्वारा प्रकाशित किया गया Aashish Malethia    पर 5 दिस॰ 2025    टिप्पणि(20)
कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल ने केरल उच्च न्यायालय में गिरफ्तारी से बचने के लिए याचिका दायर की

गुरुवार को राहुल ममकूटाथिल की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होते ही, उनकी न्यायिक और राजनीतिक दुनिया एक साथ टूट गई। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ने उसी दिन उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया, और अगले दिन वह केरल उच्च न्यायालय में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण के लिए याचिका दायर कर गए। यह सिर्फ एक कानूनी चाल नहीं, बल्कि एक ऐसा बचाव है जिसमें उनकी राजनीतिक जिंदगी का अंत लिखा दिख रहा है।

कोर्ट ने जमानत खारिज की, पार्टी ने निकाल दिया

तिरुवनंतपुरम के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने 4 दिसंबर 2025 को राहुल ममकूटाथिल की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी। जज नज़ीरा एस. ने स्पष्ट किया कि आरोपों की गंभीरता और दस्तावेजों के आधार पर जमानत देना न्याय के खिलाफ होगा। प्रॉसिक्यूशन ने एक डॉक्टर का बयान पेश किया जिसमें एक महिला के गर्भपात की पुष्टि की गई — यह बात न सिर्फ कानूनी तौर पर भारी है, बल्कि सामाजिक रूप से भी अस्वीकार्य है। इसके तुरंत बाद, सनी जोसेफ, KPCC के अध्यक्ष, ने घोषणा की: "पार्टी के नैतिक मूल्यों के खिलाफ ऐसे आरोपों पर कोई टिकट नहीं, कोई पद नहीं।"

दो महिलाओं के आरोप, एक अभिनेत्री का खुलासा

राहुल के खिलाफ दो अलग-अलग महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। पहली शिकायत में उन पर बलात्कार और जबरन गर्भपात का आरोप है। दूसरी शिकायत, जो मंगलवार को दर्ज हुई, 2023 के यौन शोषण की बात कहती है। लेकिन जो बात देश भर में चर्चा में आई, वह थी एक्ट्रेस रिनी एन जॉर्ज का बयान। उन्होंने दावा किया कि राहुल ने उन्हें अश्लील मैसेज भेजे और होटल के कमरे में बुलाया — एक ऐसा व्यवहार जो युवा नेताओं के बीच "पावर एब्यूज" का प्रतीक बन गया। इसके बाद अगस्त 2025 में कांग्रेस ने उन्हें युवा कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटा दिया था।

पार्टी के अंदर बदलाव का संकेत

पिछले कई सालों से कांग्रेस के अंदर यह बात चल रही थी कि राहुल ममकूटाथिल को वी.डी. सतीसन और शफी परंबिल का संरक्षण मिल रहा है। दोनों नेता अपने राजनीतिक नेटवर्क के जरिए उन्हें टिकट और पद दिलाते रहे, भले ही उनके खिलाफ कई शिकायतें आ चुकी हों। अब जब जमानत खारिज हो गई, तो पार्टी ने अपनी बेल उतार दी। यह सिर्फ एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि एक तरह के "करीबी संरक्षण" के खिलाफ संकेत है।

गिरफ्तारी का डर, अदालत का रुख

राहुल पिछले शुक्रवार से फरार हैं। पुलिस ने उनके घर और दो अन्य स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन कोई निशान नहीं मिला। उनके वकील शेखर जी. थंपी और सस्थमंगलम एस. अजितकुमार ने जमानत के लिए बहुत कुछ कहा — लेकिन कोर्ट ने डॉक्टरी रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और दो शिकायतकर्ताओं के बयानों को लेकर कहा: "यह एक आम अपराध नहीं, यह एक संगठित शोषण है।" अब जब वह केरल उच्च न्यायालय में अंतरिम संरक्षण के लिए जा रहे हैं, तो उनकी उम्मीदें बहुत कम हैं। उच्च न्यायालय के लिए यह एक बड़ा मामला है — जिसमें राजनीति और न्याय का टकराव है।

राजनीति का असर: क्या अब विधानसभा सीट खाली होगी?

कांग्रेस नेतृत्व ने राहुल से सीधे आग्रह किया है कि वह अपनी पलक्कड़ विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दें। अगर वह इस्तीफा नहीं देते, तो पार्टी को अगले चुनाव तक उनके खिलाफ चुनाव लड़ना पड़ सकता है — जो उनकी छवि के लिए बहुत नुकसानदेह होगा। अगर वह गिरफ्तार हो गए, तो विधानसभा में उनकी सीट खाली हो जाएगी, और अगले चुनाव तक उनका स्थान अन्य उम्मीदवारों के लिए खुल जाएगा।

क्या अब न्याय का रास्ता खुल गया?

इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि आरोपों के बाद जो पहली बार कोर्ट ने जमानत खारिज की, वह एक बड़ा संकेत है। अगर यह मामला आगे बढ़ता है और दस्तावेजों की पुष्टि होती है, तो यह भारत में राजनीतिक नेताओं के खिलाफ यौन अपराधों के लिए एक नया प्रारूप बन सकता है। लोग अब यह नहीं मानेंगे कि "पद" या "पार्टी संरक्षण" अपराध का बचाव है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या राहुल ममकूटाथिल को अभी गिरफ्तार किया जा सकता है?

हाँ, अगर केरल उच्च न्यायालय उनकी अंतरिम संरक्षण याचिका खारिज कर देता है, तो पुलिस तुरंत उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। अभी तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है, लेकिन पुलिस ने उनके घर, दोस्तों के घर और विमानक्षेत्र पर निगरानी शुरू कर दी है।

कांग्रेस ने उन्हें निष्कासित क्यों किया?

कांग्रेस ने इस निर्णय को अपनी "नैतिक जिम्मेदारी" के तौर पर बताया है। जमानत खारिज होने के बाद अदालत ने आरोपों को गंभीर मान लिया, जिससे राजनीतिक नुकसान बहुत बड़ा हो गया। अगर वह पार्टी में रहते, तो यह मामला पूरी पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचाता।

राहुल के खिलाफ आरोपों की पुष्टि कैसे हुई?

प्रॉसिक्यूशन ने एक डॉक्टर का बयान पेश किया जिसमें एक महिला के गर्भपात की चिकित्सकीय पुष्टि की गई है। साथ ही दोनों शिकायतकर्ताओं के बयान, सीसीटीवी फुटेज और मैसेज रिकॉर्ड्स भी कोर्ट के सामने रखे गए हैं। यह सब एक बहुत मजबूत आधार है।

क्या यह मामला अन्य राजनीतिक नेताओं के लिए एक सबक है?

बिल्कुल। इस मामले ने दिखाया है कि अब न्यायपालिका और समाज दोनों राजनीतिक शक्ति को अपराध के बचाव के लिए नहीं मानते। अगर कोई नेता यौन अपराध का आरोपी है, तो अब उसकी नौकरी, पद या पार्टी संरक्षण उसे बचा नहीं सकता।

20 टिप्पणि

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    Mona Elhoby

    दिसंबर 6, 2025 AT 21:57

    ये सब तो बस एक बड़ा नाटक है भाई... पार्टी ने निकाला तो अब कोर्ट का इंतज़ार है। जब तक जेल नहीं जाता, तब तक ये सब टीवी ड्रामा है। और हाँ, रिनी एन जॉर्ज का बयान तो बिल्कुल बाज़ारी नाटक लग रहा है। अब तो हर कोई अपनी एक्टिंग कर रहा है।

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    Arjun Kumar

    दिसंबर 7, 2025 AT 08:20

    अरे यार, ये सब तो बस एक चुनावी गड़बड़ है। अगर ये गिरफ्तार हुए तो कांग्रेस को पलक्कड़ से वोट खोना पड़ेगा। और अगर नहीं हुए तो लोग कहेंगे पार्टी बचा रही है। दोनों ही तरफ से नुकसान।

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    RAJA SONAR

    दिसंबर 8, 2025 AT 23:55

    क्या तुमने देखा रिनी एन जॉर्ज का बयान? एक अभिनेत्री जो अपने करियर के लिए एक नेता को बर्बाद करने का नाटक कर रही है। ये सब निश्चित रूप से एक बड़ी अफवाह है जिसे किसी ने बनाया है। अब तो हर कोई अपना नाम ट्रेंड करवाना चाहता है।

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    Mukesh Kumar

    दिसंबर 10, 2025 AT 09:27

    ये मामला बहुत गंभीर है और हमें इसे समझना चाहिए। अगर आरोप सच हैं तो ये कोई छोटी बात नहीं। लेकिन अगर झूठ हैं तो फिर भी ये एक बड़ा संकेत है कि समाज अब ऐसे व्यवहार को नहीं झेलेगा। दोनों ही स्थितियों में ये एक नया मोड़ है।

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    Shraddhaa Dwivedi

    दिसंबर 11, 2025 AT 06:06

    इस बार लड़कियों ने अपनी आवाज़ उठाई है। अब तक तो बहुत से मामले दब गए थे। अब जब एक विधायक के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, तो ये बहुत बड़ी बात है। हमें इस बार न्याय को अपने दिल से मानना होगा।

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    Govind Vishwakarma

    दिसंबर 12, 2025 AT 20:39

    अगर ये सब सच है तो ये बस शुरुआत है। अब तो हर राजनीतिक नेता की जिंदगी की जांच होनी चाहिए। कौन जाने कितने और राहुल हैं जो अभी भी बाहर हैं। ये सिर्फ एक नाम नहीं, ये एक सिस्टम है।

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    Jamal Baksh

    दिसंबर 13, 2025 AT 02:00

    इस मामले में न्याय की दिशा बहुत स्पष्ट है। यदि दस्तावेज़ और डॉक्टरी रिपोर्ट एक दूसरे को समर्थित करते हैं, तो न्यायपालिका का कर्तव्य है कि वह निष्पक्ष रूप से निर्णय ले। राजनीति के नाम पर किसी की आज़ादी नहीं छीनी जानी चाहिए, लेकिन न्याय के नाम पर किसी को बचाया नहीं जा सकता।

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    Bhoopendra Dandotiya

    दिसंबर 13, 2025 AT 21:44

    ये मामला असल में एक नए युग की शुरुआत है। जब एक व्यक्ति के आरोपों के आधार पर उसकी पार्टी उसे निकाल दे, तो ये दर्शाता है कि समाज का दबाव बदल रहा है। अब तो कोई भी नेता नहीं सोच सकता कि उसका पद उसे अपराध से बचाएगा। ये तो एक न्याय की अग्नि परीक्षा है।

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    Firoz Shaikh

    दिसंबर 14, 2025 AT 03:24

    इस घटना के माध्यम से हम एक नए नैतिक मानदंड की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें राजनीतिक शक्ति और नैतिक जिम्मेदारी के बीच एक स्पष्ट रेखा खींची जा रही है। जब एक विधायक को उसके व्यक्तिगत व्यवहार के आधार पर पार्टी से निष्कासित किया जाता है, तो यह एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है। यह एक ऐसा समय है जब न्याय और नैतिकता का आधार अब राजनीतिक लाभ से अधिक महत्वपूर्ण है।

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    Uma ML

    दिसंबर 15, 2025 AT 14:19

    क्या तुम ये बात मान रहे हो कि एक अभिनेत्री के बयान से पूरा मामला बन गया? ये सब तो बस एक बड़ा फेक न्यूज़ है। अगर ये सच होता तो पुलिस तो तुरंत उसे गिरफ्तार कर लेती। लेकिन नहीं, ये सब बस एक ट्रेंड है। अब तो हर कोई अपनी बात ट्रेंड करवाना चाहता है।

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    Saileswar Mahakud

    दिसंबर 16, 2025 AT 15:37

    मुझे लगता है कि अगर ये आरोप सच हैं तो ये बहुत बड़ी बात है। लेकिन अगर झूठ हैं तो फिर भी ये दिखाता है कि समाज कितना बदल गया है। अब लोग नहीं मानते कि नेता होने से इंसान अछूत है।

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    Rakesh Pandey

    दिसंबर 18, 2025 AT 11:43

    ये सब तो बस एक अच्छा ड्रामा है। अब तो हर कोई अपना नाम ट्रेंड करवाना चाहता है। राहुल के बारे में तो पहले भी कई बातें आई थीं। अब बस एक बार फिर तूफान उठ गया।

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    aneet dhoka

    दिसंबर 18, 2025 AT 18:11

    ये सब एक बड़ी साजिश है। अगर तुम देखो तो ये सब तब शुरू हुआ जब कांग्रेस ने चुनाव में बुरी तरह हार मानी। अब एक व्यक्ति को बलि देकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। ये सब अमेरिका से ऑर्डर आया है। अब तो हर कोई अपनी चाल चल रहा है।

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    Harsh Gujarathi

    दिसंबर 19, 2025 AT 20:56

    ये बहुत बड़ा मामला है। अगर सच है तो ये एक न्याय की जीत है। 🙏 अगर झूठ है तो ये एक बड़ी गलती है। लेकिन दोनों ही स्थितियों में ये एक बदलाव की शुरुआत है।

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    Senthil Kumar

    दिसंबर 20, 2025 AT 19:56

    अगर ये सच है तो बहुत अच्छा। अगर झूठ है तो फिर भी लोगों को जागना होगा।

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    Rahul Sharma

    दिसंबर 22, 2025 AT 14:25

    इस मामले में न्याय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह एक ऐतिहासिक न्यायिक निर्णय होगा। यदि आरोप असत्य हैं, तो भी इससे एक सामाजिक संदेश मिलता है कि राजनीतिक शक्ति का दुरुपयोग अब स्वीकार्य नहीं है। इस प्रक्रिया में न्यायपालिका का स्वतंत्र और निष्पक्ष रहना अत्यंत आवश्यक है।

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    Ayushi Kaushik

    दिसंबर 23, 2025 AT 05:55

    ये आरोप तो बहुत गंभीर हैं। लेकिन ये भी सोचो कि क्या ये सब एक नेता के खिलाफ एक बड़ा अभियान है? अगर ये सच है तो ये एक न्याय की जीत है। अगर झूठ है तो ये एक बड़ी अदालती गलती है। लेकिन दोनों ही स्थितियों में ये एक नया समय है।

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    Basabendu Barman

    दिसंबर 24, 2025 AT 21:28

    अरे यार, ये सब तो बस एक बड़ा ब्रिटिश षड्यंत्र है। अमेरिका ने ऑर्डर दिया कि कांग्रेस के एक नेता को बर्बाद कर दिया जाए। रिनी एन जॉर्ज भी उनकी नौकरी है। ये सब तो बस एक बड़ी फिल्म है।

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    Krishnendu Nath

    दिसंबर 25, 2025 AT 13:28

    ये सब तो बहुत बड़ा हो गया अब। अगर ये सच है तो बहुत अच्छा। अगर झूठ है तो फिर भी लोगों को जागना होगा।

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    dinesh baswe

    दिसंबर 25, 2025 AT 20:01

    यह मामला भारतीय राजनीति में एक निर्णायक मोड़ है। न्याय की शक्ति अब राजनीतिक नेतृत्व के अधिकारों के ऊपर है। जब एक विधायक को उसके व्यक्तिगत व्यवहार के आधार पर पार्टी से निष्कासित किया जाता है, तो यह सामाजिक और नैतिक परिवर्तन का संकेत है। इस न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से भारत एक नए युग की ओर बढ़ रहा है जहाँ शक्ति का दुरुपयोग अब स्वीकार्य नहीं है।