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कमरान गुलाम का शतक: बाबर आज़म की प्रतिक्रया ने इंटरनेट पर मचाया तहलका

के द्वारा प्रकाशित किया गया Aashish Malethia    पर 16 अक्तू॰ 2024    टिप्पणि(9)
कमरान गुलाम का शतक: बाबर आज़म की प्रतिक्रया ने इंटरनेट पर मचाया तहलका

कमरान गुलाम का पहला टेस्ट में शानदार प्रदर्शन

पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास में जब भी कोई नया खिलाड़ी अपने पहले टेस्ट मैच में शतक लगाता है, तो वह घटना भारतीय उपमहाद्वीप के क्रिकेट प्रेमियों के लिए उत्साह की वजह बन जाती है। ऐसी ही एक घटना मुलतान में देखने को मिली जब 29 वर्षीय कमरान गुलाम ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करते हुए 224 गेंदों में ठोस 118 रन बनाकर शानदार शतक जमाया। इसके साथ ही वे पाकिस्तान की ओर से टेस्ट डेब्यू पर शतक जमाने वाले 13वें बल्लेबाज बन गए।

चौथे नंबर पर मिला मौका

बाबर आज़म के आराम लेने के बाद, ग़ुलाम को नेशनल टीम में चौथे नंबर पर खेलने का मौका मिला। इस महत्वपूर्ण भूमिका को निभाने का मौका पाकर उन्होंने अपने बल्ले से क्रिकेट जगत को प्रभावित किया। इसे खास इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यह उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी थी और उन्होंने खुद इस मौके को लेकर दबाव का अनुभव किया था।

गुलाम का कहना है कि उन्हें घरेलू क्रिकेट में बीते चार वर्षों के प्रयास का फल मिला है। लंबे समय से उम्मीद कर रहे गुलाम का कहना था कि उन्हें इस मौके के लिए बहुत ही लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा, 'इतने समय तक इंतजार करना थोड़ा निराशाजनक था लेकिन जब मुझे मौका मिला, तो मैंने अपनी पूरी कोशिश की कि मैं अपनी क्षमता को मैदान पर व्यक्त कर सकूं।'

बाबर की भी रही चर्चा में

बाबर की भी रही चर्चा में

बाबर आज़म, जिनकी अनुपस्थिति में यह मौका गुलाम को मिला, खुद इस दौरान दर्शक के रूप में उपस्थित थे। मैच के दौरान और इसके बाद, बाबर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से गुलाम की तारीफ की। यही नहीं, उनके इस तीन शब्दों की प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया।

दर्शकों और विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका मतलब यह है कि बाबर गुलाम की इस पारी से बेहद प्रभावित हैं और उनकी इस उपलब्धि को सम्पूर्ण समर्पण के रूप में मान्यता देते हैं। जिस तरह से कमरान ने खुद को मैदान पर साबित किया, वो दिखाता है कि वह भविष्य के लिए एक मजबूत विकल्प हैं।

समाज में फैली चर्चाएँ

कमरान गुलाम की इस उपलब्धि ने चयनकर्ताओं के निर्णय पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन्होंने बाबर को दूसरे और तीसरे टेस्ट से बाहर रखा था। पूर्व पीसीबी अध्यक्ष रमिज़ राजा ने भी चयनकर्ताओं के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चयनकर्ताओं की इस चाल को लेकर खुलकर आलोचना की है। सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है कि क्या अब पाकिस्तान के पास बाबर के लिए एक 'परफेक्ट रिप्लेसमेंट' मिल गया है।

घरेलू क्रिकेट से मिला आत्मविश्वास

घरेलू क्रिकेट से मिला आत्मविश्वास

गुलाम के इस असाधारण प्रदर्शन के प्रति उनका दृष्टिकोण बेहद महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि घरेलू क्रिकेट में सालों की कड़ी मेहनत और लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि घरेलू क्रिकेट की पिचों पर रन बनाना आपकी मानसिकता को रचनात्मक रूप से मजबूत करता है और बड़े मंच पर दबाव का सामना करना थोड़ा आसान बना देता है।

इस बात को समझते हुए भी कि वह किसी महान खिलाड़ी के स्थान पर खेल रहे हैं, कमरान ने किसी विरोधी की भांति नहीं बल्कि अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित किया। उनका कहना है कि जब आपका आत्मविश्वास मजबूत होता है तो आप किसी भी स्थिति में खुद को बेहतर प्रदर्शित कर सकते हैं।

कमरान गुलाम का यह प्रदर्शन भविष्य के लिए एक नया मानदंड स्थापित करता है। उनके प्रदर्शन ने यह दिखाया है कि जब कोई खिलाड़ी स्वंय के ऊपर भरोसा करता है और खेल के प्रति समर्पित होता है, तो सफलता अवश्य मिलती है।

9 टिप्पणि

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    Chirag Yadav

    अक्तूबर 17, 2024 AT 16:37
    ये कमरान गुलाम तो बस एक बार आ गया और सबको चौंका दिया। बाबर के बिना भी पाकिस्तान की टीम में जोश है, ये देखकर लगा जैसे क्रिकेट का भविष्य अभी जिंदा है।
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    Shakti Fast

    अक्तूबर 18, 2024 AT 13:58
    इतनी मेहनत के बाद जब कोई अपना सपना पूरा करता है, तो दिल भर जाता है। गुलाम ने सिर्फ शतक नहीं बनाया, उसने अपने दिल की आवाज़ सुनाई।
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    saurabh vishwakarma

    अक्तूबर 19, 2024 AT 00:58
    अरे भाई, बाबर आज़म को बाहर कर दिया और फिर ये गुलाम ने जो किया, वो तो बस एक बड़ा शो है। चयनकर्ते अब अपनी गलतियों का बचाव करने लगेंगे, जबकि गुलाम तो बस बल्ले से बात कर रहा है।
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    MANJUNATH JOGI

    अक्तूबर 19, 2024 AT 21:46
    घरेलू क्रिकेट की गहराई और लगातार प्रदर्शन का ये बेहतरीन उदाहरण है। गुलाम का आत्मविश्वास उसके दिनभर के अभ्यास से आया है, न कि किसी टीवी शो से। ये वो नीति है जिसे हमें बच्चों को सिखाना चाहिए।
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    Sharad Karande

    अक्तूबर 20, 2024 AT 16:55
    इस प्रदर्शन के आधार पर, गुलाम की बल्लेबाजी की औसत और स्ट्राइक रेट दोनों एक बहुत ही स्थिर और उच्च स्तर के हैं। उनके बल्ले के साथ बनाए गए रन अधिकांशतः फुल-स्विंग और एंगल्ड शॉट्स के माध्यम से हुए हैं, जो बहुत कम नए खिलाड़ियों में देखने को मिलता है।
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    Sagar Jadav

    अक्तूबर 21, 2024 AT 12:25
    बाबर को बाहर करना गलत था। गुलाम अच्छा है, लेकिन बाबर की जगह नहीं ले सकता।
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    Dr. Dhanada Kulkarni

    अक्तूबर 22, 2024 AT 04:54
    इस युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को देखकर लगता है कि भविष्य के लिए नए नाम आ रहे हैं। उनकी मेहनत की कहानी हर युवा के लिए प्रेरणा है।
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    Rishabh Sood

    अक्तूबर 23, 2024 AT 15:28
    क्या ये सिर्फ एक शतक है? नहीं। ये तो एक नए युग की शुरुआत है। जब एक आम इंसान अपने दिल की आवाज़ को चुनता है, तो वो दुनिया बदल देता है। कमरान ने न सिर्फ बल्ला घुमाया, बल्कि एक विचार को जन्म दिया।
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    Mali Currington

    अक्तूबर 23, 2024 AT 23:32
    बाबर को बाहर कर दिया और फिर गुलाम ने शतक लगा दिया... अब तो चयनकर्ते खुद अपनी बात समझ नहीं पा रहे। बस इतना ही कहना है कि ये लोग जानते ही नहीं कि क्रिकेट क्या है।