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जय शाह बने आईसीसी के स्वतंत्र अध्यक्ष: भारतीय क्रिकेट के लिए अहम पड़ाव

के द्वारा प्रकाशित किया गया Aashish Malethia    पर 28 अग॰ 2024    टिप्पणि(14)
जय शाह बने आईसीसी के स्वतंत्र अध्यक्ष: भारतीय क्रिकेट के लिए अहम पड़ाव

जय शाह बने आईसीसी के नए स्वतंत्र अध्यक्ष

भारतीय क्रिकेट जगत में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्पर्श हो गया है। जय शाह, जो वर्तमान में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव के पद पर हैं, को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) का नया स्वतंत्र अध्यक्ष चुना गया है। यह खबर भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व और उत्साह का क्षण लेकर आई है, क्योंकि शाह इस महत्वपूर्ण पद को संभालने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।

शाह का नामांकन और चुनाव एक विस्तृत चयन प्रक्रिया के अंतर्गत हुआ, जिसमें विश्वभर के विभिन्न क्रिकेट संघों और हितधारकों की सहमति शामिल थी। यह चयन भारत के बढ़ते क्रिकेट प्रभाव और वैश्विक मंच पर उसकी महत्वपूर्ण उपस्थिति को दर्शाता है।

शाह का बीसीसीआई में कार्यकाल

बीसीसीआई में सचिव के रूप में शाह का कार्यकाल कई सुधारों और महत्वपूर्ण पहल के लिए जाना जाता है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट के शासन और विकास को मजबूती दी है। उनकी नीतियों और योजनाओं ने न केवल घरेलू क्रिकेट को पुनर्जीवित किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय क्रिकेट को मजबूती दी।

शाह ने खेल को और अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। घरेलू क्रिकेट की संरचना में सुधार से लेकर युवा खिलाड़ियों के विकास पर विशेष ध्यान, सब कुछ उनके कार्यकाल का हिस्सा रहा है। इसके अलावा, महिलाओं के क्रिकेट को बढ़ावा देने और उसे मुख्य धारा में लाने के उनके प्रयासों की भी सराहना की जा रही है।

आईसीसी के नई चुनौतियों और अवसर

आईसीसी के नई चुनौतियों और अवसर

जय शाह का आईसीसी के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति का मतलब है कि वे एक नई दिशा और दृष्टिकोण लेकर आएंगे। वैश्विक क्रिकेट में कई तरह की चुनौतियों और अवसरों का सामना कर रहे हैं, जिसमें वित्तीय व्यवस्थाएं, खेल का विस्तार, और खेल की भावना को बनाए रखने के लिए काम करना शामिल है।

आईसीसी में उनकी नियुक्ति से भारतीय क्रिकेट के वैश्विक मंच पर बढ़ते प्रभाव का प्रमाण मिलता है। यह भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए गर्व का पल है। उनका नेतृत्व न केवल क्रिकेट प्रशासनों के लिए बल्कि खेल प्रेमियों के लिए भी एक नई आशा लेकर आया है।

भारत की क्रिकेट की बढ़ती ताकत के बीच, शाह का कार्यकाल आईसीसी को और मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके साथ ही, यह वैश्विक क्रिकेट के विकास में भी योगदान देगा।

भविष्य की योजनाएं

आईसीसी के नए अध्यक्ष के रूप में जय शाह की प्राथमिकताएं और योजनाएं कई मोर्चों पर देखी जा सकती हैं। सबसे पहले, वे खेल के सभी स्तरों पर समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे। इसके अलावा, वे वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने और नए बाजारों में खेल के विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

  • दुनियाभर में क्रिकेट के नए फॉर्मेट को बढ़ावा देना।
  • अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में नवीनीकरण और सुधार।
  • विभिन्न देशों के क्रिकेट संघों के साथ तालमेल।
  • क्रिकेट के नियमों और मानकों की पुनरावृत्ति।
नवीन दृष्टिकोण और उम्मीदें

नवीन दृष्टिकोण और उम्मीदें

जय शाह की नियुक्ति से आईसीसी को एक नया दृष्टिकोण और रणनीतिक नेतृत्व मिलेगा। उन्होंने अपने अब तक के करियर में जो सिद्धांत और मूल्य स्थापित किए हैं, वह आईसीसी के भविष्य की दिशा को निर्धारित करने में मदद करेंगे। उनके नेतृत्व में, खेल को और अधिक समृद्ध और स्वस्थ बनाने के दिशा में कई अहम कदम उठाए जाएंगे।

भारतीय क्रिकेट के लिए यह सचमुच गर्व का समय है, और जय शाह के साथ, भारतीय क्रिकेट प्रेमी उम्मीद कर सकते हैं कि वैश्विक मंच पर भी खेल का भविष्य उज्जवल हो। उनकी नेतृत्व क्षमता और विज़न निश्चित रूप से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को नई ऊंचाईयों पर ले जाएगा।

अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि यह नियुक्ति न केवल जय शाह के लिए बल्कि पूरे भारतीय क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, और हम सभी को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे।

14 टिप्पणि

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    Roshini Kumar

    अगस्त 28, 2024 AT 03:32
    अरे भाई ये सब गर्व क्यों? जय शाह तो बीसीसीआई के अंदर ही अपनी टीम को बढ़ावा देते रहे... आईसीसी में अब भी ब्रिटिश लोगों की नींव पर ही सब चल रहा है। ये नया अध्यक्ष बनना कोई जीत नहीं, बस एक नया बैनर है। 😒
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    Siddhesh Salgaonkar

    अगस्त 28, 2024 AT 05:38
    मेरे दोस्तों ये सब बकवास है। जय शाह के बिना भी भारत ने टी20 विश्व कप जीता है। अब ये लोग अपने नाम के लिए आईसीसी के चेयरमैन बनने की बात कर रहे हैं। जब तक राष्ट्रीय टीम का फॉर्म नहीं बनेगा, तब तक ये सब नामों की लिस्ट है। 🤦‍♂️
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    Arjun Singh

    अगस्त 28, 2024 AT 09:10
    बीसीसीआई के सचिव के रूप में उनकी टीम ने जो बदलाव किया, वो वाकई गेम चेंजर था। घरेलू क्रिकेट में टीम बेस्ड फाइनेंसिंग, युवा खिलाड़ियों के लिए नेटवर्किंग, और महिला क्रिकेट का बजट बढ़ाना - ये सब उनकी लॉजिक और एक्जीक्यूशन का नतीजा है। आईसीसी में भी यही फॉर्मूला चलेगा। 💪
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    yash killer

    अगस्त 30, 2024 AT 02:57
    हमारा भारत आखिरकार दुनिया के ऊपर खड़ा हो गया! ये जय शाह नहीं, ये हमारा भारत है! कोई बाहरी देश अब हमें निर्देश नहीं देगा! ये जीत हमारी जनता की है! जय हिन्द! 🇮🇳
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    Ankit khare

    अगस्त 30, 2024 AT 08:36
    क्या तुमने देखा कि उन्होंने बीसीसीआई में बैंक लोन वाले खिलाड़ियों को रोक दिया? ये जो बोल रहे हैं उनमें से 90% अभी भी अपने अंडर-19 टीम के लिए फैक्टरी बैच चला रहे हैं। शाह ने वास्तव में स्कूल टीम्स को अपने नेटवर्क में जोड़ा है। बाकी सब ट्रेंड हैं।
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    Chirag Yadav

    अगस्त 30, 2024 AT 21:26
    मैं इस खबर को बहुत अच्छी तरह से समझता हूँ। जय शाह के काम से एक नया अहसास हुआ है कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक विकास का जरिया है। जब तक हम इसे ऐसे ही देखेंगे, तब तक ये जीत सच्ची होगी।
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    Shakti Fast

    सितंबर 1, 2024 AT 17:43
    बहुत खुशी हुई! बीसीसीआई में जो बदलाव हुआ, उसने छोटे शहरों के बच्चों को भी आशा दी। अब आईसीसी में भी ऐसा ही होगा। उनका नेतृत्व सचमुच बहुत अच्छा है। ❤️
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    saurabh vishwakarma

    सितंबर 1, 2024 AT 22:13
    यह नियुक्ति एक ऐतिहासिक घटना है, लेकिन इसके पीछे की व्यवस्था और संरचना का विश्लेषण अभी बाकी है। आईसीसी के नियमों की व्याख्या के लिए एक नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है - और यह जय शाह के लिए एक बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य होगा।
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    MANJUNATH JOGI

    सितंबर 2, 2024 AT 01:45
    दोस्तों, ये सिर्फ एक अध्यक्ष नहीं, ये एक संस्कृति का प्रतीक है। जय शाह ने देखा कि खेल का दिल गाँवों में धड़कता है। उनके नेतृत्व में आईसीसी अब एक ग्लोबल ग्रामीण नेटवर्क बन सकता है। 🙏
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    Sharad Karande

    सितंबर 3, 2024 AT 15:55
    इस नियुक्ति के बाद आईसीसी के बजट और वित्तीय अनुदानों के वितरण में बदलाव आने की संभावना है। विशेष रूप से एशियाई और अफ्रीकी संघों के लिए। जय शाह के पास एक बहुत ही स्पष्ट फाइनेंशियल लॉजिक है - जो अब वैश्विक स्तर पर लागू होगा।
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    Sagar Jadav

    सितंबर 5, 2024 AT 01:13
    ये सब बकवास है। जब तक टीम नहीं जीतती तब तक कोई नहीं बात करेगा।
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    Dr. Dhanada Kulkarni

    सितंबर 6, 2024 AT 11:51
    मैं इस नियुक्ति को एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानती हूँ। जय शाह के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट ने एक ऐसा मानक स्थापित किया है जो दुनिया भर में प्रेरणा बन सकता है। उनकी निष्ठा और विनम्रता बहुत प्रेरक है।
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    Rishabh Sood

    सितंबर 6, 2024 AT 14:12
    यह नियुक्ति एक अंतर्दृष्टि का बिंदु है - जहाँ शक्ति अब आर्थिक विशालता के बजाय नैतिक दृढ़ता पर टिकी है। जय शाह एक नए युग के प्रतीक हैं - जहाँ खेल की आत्मा निर्माण करती है, न कि बिक्री करती है।
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    Saurabh Singh

    सितंबर 8, 2024 AT 10:50
    ये सब नाटक है। जय शाह के पास जो भी बदलाव हुआ, वो बीसीसीआई के लिए था। आईसीसी में वो बस एक नया नाम बन गए हैं। वो खुद भी जानते हैं कि असली शक्ति अभी भी लंदन और ऑस्ट्रेलिया में है।