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जालंधर: ट्रैवल एजेंसी की साइट हैक, पाकिस्तान-बांग्लादेश की 10 लाख की टिकटें बुक

के द्वारा प्रकाशित किया गया Aashish Malethia    पर 17 अप्रैल 2026    टिप्पणि(0)
जालंधर: ट्रैवल एजेंसी की साइट हैक, पाकिस्तान-बांग्लादेश की 10 लाख की टिकटें बुक

पंजाब के जालंधर में एक हैरान कर देने वाला साइबर हमला हुआ है, जहां एक ट्रैवल एजेंसी की वेबसाइट को हैक कर करीब 10 लाख रुपये के हवाई टिकट बुक कर लिए गए। यह पूरा खेल मई 2025 की एक रात को चला, जब हमलावरों ने मैक्स वर्ल्ड इमिग्रेशन ट्रैवल एजेंसी के पोर्टल में सेंध लगाई और रात 9 बजे से अगली सुबह तक लगातार बुकिंग जारी रखी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से ज्यादातर टिकट पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों के लिए बुक किए गए थे।

एजेंसी के मालिक दीपक बट्ट के मुताबिक, जब वह सुबह दफ्तर पहुंचे और सिस्टम चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। पोर्टल पर अनधिकृत तरीके से भारी मात्रा में रिजर्वेशन दिख रहे थे। बट्ट का कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो शायद उन यात्रियों को फ्लाइट बोर्ड करने से पहले ही रोका जा सकता था, लेकिन रिस्पॉन्स मिलने में देरी हुई और आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर हैं।

जांच का दायरा और पुलिस की कार्रवाई

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना डिवीजन सिक्स की पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर पोर्टल तक पहुंच कैसे बनी। संदेह की सुई दो दिशाओं में घूम रही है: या तो किसी अंदरूनी व्यक्ति ने पासवर्ड लीक किया है, या फिर हैकर्स ने किसी एडवांस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सिस्टम को क्रैक किया है।

मामले की अपडेट देते हुए हरविंदर सिंह गिल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) ने बताया कि पुलिस टीम साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर डेटा ट्रेस कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। हालांकि, डिजिटल फुटप्रिंट्स को मिटाने की कोशिशों के कारण यह चुनौती भरा काम साबित हो रहा है।

ट्रैवल इंडस्ट्री में बढ़ते फ्रॉड का जाल

यह घटना कोई अकेली वारदात नहीं है, बल्कि ट्रैवल सेक्टर में फैल रहे एक बड़े संगठित अपराध का हिस्सा लगती है। हाल के दिनों में दिल्ली NCR से जयपुर तक ऐसे कई गिरोह सक्रिय रहे हैं जो ट्रैवल कंपनियों के नाम पर करोड़ों की ठगी कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, संदीप चौधरी और उनकी बेटी मल्लिका चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 'द वॉयस टू' और 'द वॉयस इम्पैक्ट्स' जैसी फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर घोटाले किए हैं।

एक अन्य पीड़ित ट्रैवल एजेंट, आशीष जैन, ने आरोप लगाया कि संदीप और मल्लिका ने बुकिंग के नाम पर करीब 70 लाख रुपये बकाया रखे और जब पेमेंट मांगा गया, तो उन्होंने जवाब देना बंद कर दिया और उल्टा धमकी देना शुरू कर दिया। यह पैटर्न दिखाता है कि कैसे भरोसे का फायदा उठाकर डिजिटल युग में ठगी की जा रही है। कुछ मामलों में तो यात्रियों को 'कन्फर्म' टिकट दिए गए, जो विदेश पहुंचने के बाद फर्जी निकले और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा।

पुराने रिकॉर्ड और धोखाधड़ी का इतिहास

अगर संदीप चौधरी के पिछले रिकॉर्ड्स देखें, तो यह सिलसिला करीब 27 साल पुराना है। 2005 से 2012 के बीच, संदीप और उनके पार्टनर विजय चौधरी पर दिल्ली से बैंगलोर तक कई मुकदमे दर्ज थे। बताया जाता है कि उन्होंने करोल बाग, सुभाष पैलेस और मॉडल टाउन के करीब 50 ज्वेलर्स को झांसे में लेकर लाखों की ठगी की थी।

सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों में भी इसी तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं। ब्रिटेन के लीसेस्टर शहर का एक बुजुर्ग जोड़ा व्हाट्सएप पर 'एक्सपीडिया' के नाम पर चल रहे फर्जी ऑपरेशन का शिकार हुआ और उसने 2,500 पाउंड गंवा दिए। यह सब इस बात का सबूत है कि साइबर अपराधी अब बहुत संगठित हो चुके हैं और वे सिर्फ तकनीकी खामियों का ही नहीं, बल्कि मानवीय भरोसे का भी फायदा उठा रहे हैं।

भविष्य की चुनौतियां और बचाव के उपाय

भविष्य की चुनौतियां और बचाव के उपाय

जालंधर की यह घटना हमें चेतावनी देती है कि छोटे और मध्यम स्तर की ट्रैवल एजेंसियों के लिए साइबर सुरक्षा अब विलासिता नहीं, बल्कि जरूरत है। जब तक कंपनियां अपने पोर्टल पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) और मजबूत एन्क्रिप्शन नहीं अपनाएंगी, तब तक वे ऐसे हमलों के लिए संवेदनशील रहेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एयरलाइन टिकटों की कीमतों में हेरफेर और फर्जी बुकिंग के मामले बढ़ सकते हैं। जैसे कि कुछ प्लेटफॉर्म्स पर टिकट 18,510 रुपये का दिख रहा है, जबकि आधिकारिक साइट पर वह 30,000 रुपये का है—यह विसंगति भी ग्राहकों को भ्रमित करने का एक तरीका हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

जालंधर की ट्रैवल एजेंसी में असल में क्या हुआ?

मई 2025 में मैक्स वर्ल्ड इमिग्रेशन ट्रैवल एजेंसी की वेबसाइट हैक हुई। हैकर्स ने रात 9 बजे से सुबह तक करीब 10 लाख रुपये के हवाई टिकट बुक किए, जिनमें मुख्य रूप से पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका की उड़ानें शामिल थीं।

पुलिस इस मामले की जांच कैसे कर रही है?

थाना डिवीजन सिक्स ने अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज किया है। ADCP हरविंदर सिंह गिल के नेतृत्व में पुलिस साइबर विशेषज्ञों की मदद से डेटा ट्रेस कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हैकिंग बाहरी थी या किसी अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत थी।

संदीप और मल्लिका चौधरी पर क्या आरोप हैं?

इन दोनों पर 'द वॉयस टू' और 'द वॉयस इम्पैक्ट्स' जैसी फर्मों के जरिए ट्रैवल एजेंटों और ग्राहकों के साथ लाखों की ठगी करने का आरोप है। संदीप चौधरी का धोखाधड़ी का इतिहास 27 साल पुराना बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने कई ज्वेलर्स को भी ठगा था।

ट्रैवल बुकिंग के दौरान धोखाधड़ी से कैसे बचें?

हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या मान्यता प्राप्त एजेंटों से ही टिकट बुक करें। व्हाट्सएप या अनजाने लिंक्स के माध्यम से भुगतान करने से बचें। टिकट बुक करने के बाद एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर PNR स्टेटस जरूर चेक करें।