गौतम सिंघानिया की इलेक्ट्रिकल खराबी से जूझती लक्जरी कार गाड़ी
गौतम सिंघानिया, जो कि रेमंड कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं, उन्होंने हाल ही में अपनी नई खरीदी गई लक्जरी कार लैंबॉर्गिनी रेवुल्टो से जुड़ी दिक्कतों को सार्वजनिक तौर पर लैंबॉर्गिनी नेतृत्व की आलोचना करते हुए उजागर किया है। यह गंभीर मामला उस समय सामने आया जब सिंघानिया ने 3 अक्टूबर को अपनी कार को मुंबई के ट्रांस-हार्बर लिंक पर टेस्ट ड्राइव के लिए निकाला, लेकिन अचानक एक पूरी इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण वह रास्ते में फंस गए। यह घटना उस वक्त की है जब सिंघानिया का मन इस नवनिर्मित कार के उत्साहपूर्ण अनुभव से भरा था।
ग्राहकों की मांगें और लैंबॉर्गिनी की प्रतिक्रिया
सिंघानिया ने अपनी इस समस्या को हल करने के लिए लैंबॉर्गिनी के इंडिया हेड, शरद अग्रवाल, या एशिया हेड, फ्रांसेस्को स्कारडाओनी से अपनी शिकायतें साझा कीं, लेकिन उनकी ओर से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिली। सिंघानिया ने इस असमर्थता और उनके प्रति लैंबॉर्गिनी की असंवेदनशीलता को लेकर ट्विटर और लिंक्डइन पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पूछा कि जब इतनी महंगी गाड़ी में इस तरह की खराबी आ सकती है तो उसकी विश्वसनीयता कैसी है? उनके मुताबिक, उनके अलावा दो और लोगों ने कार में इसी तरह की समस्या की सूचना दी, जिससे यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया।
लैंबॉर्गिनी के प्रति ग्राहकों की उम्मीदें और उनकी अनदेखी
इस पूरे मामले ने लक्जरी कार उद्योग में एक चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है। कई उद्योग विशेषज्ञ और लक्जरी कार प्रेमी, जैसे कि संजीव मुल्चंदानी और गिरीश छलवानी, लैंबॉर्गिनी के ग्राहक सम्बंधों की आलोचना करते हुए कहते हैं कि भारत में लक्जरी कार बाजार को ध्यान में रखते हुए ग्राहक सगाई पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। बड़े ब्रांड्स को ऐसे समय में सीधे ग्राहकों के साथ जुड़ना चाहिए और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर सिंघानिया को मिला समर्थन
सिंघानिया के इस कदम को बहुत से लोगों का समर्थन मिला। उनके फॉलोअर्स ने सोशल मीडिया पर लैंबॉर्गिनी के इस व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि कंपनी भारतीय ग्राहकों के महत्वपूर्ण महत्व को नजरअंदाज कर रही है। सिंघानिया, जिन्होंने पहले से फेरी 458, लैंबॉर्गिनी गैलार्डो और ऑडी Q7 जैसी लक्जरी कारों का स्वामित्व है, ने अपनी बात को मजबूती से रखा और लोगों से भी सबक लिया।
लैंबॉर्गिनी के प्रति ग्राहकों की अपेक्षाएँ और विश्वसनीयता का सवाल
गौतम सिंघानिया का मामला इस ओर ध्यान आकर्षित करता है कि लक्जरी कारें सिर्फ प्रतिष्ठा और स्टाइल का प्रतीक नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसकी संचालन विश्वसनीयता भी सर्वोपरि होनी चाहिए। विशेष रूप से एक ऐसे बाजार में, जहां लोग उच्चतम गुणवत्ता और उत्तम सेवा की अपेक्षा रखते हैं। ऐसे समय में जब लक्जरी कार के मालिकों की अपेक्षाएं आसमान छू रही हैं, कंपनियों के लिए जरूरी है कि वे अपने ग्राहकों की समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण करें ताकि उनका विश्वास बना रहे।
उद्योग में सुधार की आवश्यकता
भारत में लक्जरी कार के बाजार का निरंतर विस्तार हो रहा है, और ऐसे समय में जब ग्राहक निष्ठा सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक बनता जा रहा है, यह जरूरी है कि वैश्विक ब्रांड अपने ग्राहक सेवा को सुधारें। ग्राहकों के सुझावों और आलोचना को सचेत रूप से सुना जाना चाहिए और सुधारात्मक कार्रवाई उठाई जानी चाहिए। गौतम सिंघानिया जैसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों द्वारा उठाए गए मुद्दे इस बात का प्रतीक हैं कि बदलाव की जरूरत जल्द से जल्द है।
Roshini Kumar
अक्तूबर 30, 2024 AT 02:41Siddhesh Salgaonkar
अक्तूबर 31, 2024 AT 15:50Arjun Singh
नवंबर 1, 2024 AT 10:12yash killer
नवंबर 2, 2024 AT 18:23Ankit khare
नवंबर 3, 2024 AT 00:12Chirag Yadav
नवंबर 4, 2024 AT 00:54Shakti Fast
नवंबर 5, 2024 AT 21:00saurabh vishwakarma
नवंबर 7, 2024 AT 11:48MANJUNATH JOGI
नवंबर 8, 2024 AT 13:17Sharad Karande
नवंबर 10, 2024 AT 04:25