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गौतम सिंघानिया की लैंबॉर्गिनी रेवुल्टो की खराबी पर प्रतिक्रिया: क्या लग्जरी कार निर्माता लैंबॉर्गिनी ग्राहकों का सम्मान कर रही है?

के द्वारा प्रकाशित किया गया Aashish Malethia    पर 28 अक्तू॰ 2024    टिप्पणि(10)
गौतम सिंघानिया की लैंबॉर्गिनी रेवुल्टो की खराबी पर प्रतिक्रिया: क्या लग्जरी कार निर्माता लैंबॉर्गिनी ग्राहकों का सम्मान कर रही है?

गौतम सिंघानिया की इलेक्ट्रिकल खराबी से जूझती लक्जरी कार गाड़ी

गौतम सिंघानिया, जो कि रेमंड कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं, उन्होंने हाल ही में अपनी नई खरीदी गई लक्जरी कार लैंबॉर्गिनी रेवुल्टो से जुड़ी दिक्कतों को सार्वजनिक तौर पर लैंबॉर्गिनी नेतृत्व की आलोचना करते हुए उजागर किया है। यह गंभीर मामला उस समय सामने आया जब सिंघानिया ने 3 अक्टूबर को अपनी कार को मुंबई के ट्रांस-हार्बर लिंक पर टेस्ट ड्राइव के लिए निकाला, लेकिन अचानक एक पूरी इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण वह रास्ते में फंस गए। यह घटना उस वक्त की है जब सिंघानिया का मन इस नवनिर्मित कार के उत्साहपूर्ण अनुभव से भरा था।

ग्राहकों की मांगें और लैंबॉर्गिनी की प्रतिक्रिया

सिंघानिया ने अपनी इस समस्या को हल करने के लिए लैंबॉर्गिनी के इंडिया हेड, शरद अग्रवाल, या एशिया हेड, फ्रांसेस्को स्कारडाओनी से अपनी शिकायतें साझा कीं, लेकिन उनकी ओर से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिली। सिंघानिया ने इस असमर्थता और उनके प्रति लैंबॉर्गिनी की असंवेदनशीलता को लेकर ट्विटर और लिंक्डइन पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पूछा कि जब इतनी महंगी गाड़ी में इस तरह की खराबी आ सकती है तो उसकी विश्वसनीयता कैसी है? उनके मुताबिक, उनके अलावा दो और लोगों ने कार में इसी तरह की समस्या की सूचना दी, जिससे यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया।

लैंबॉर्गिनी के प्रति ग्राहकों की उम्मीदें और उनकी अनदेखी

इस पूरे मामले ने लक्जरी कार उद्योग में एक चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है। कई उद्योग विशेषज्ञ और लक्जरी कार प्रेमी, जैसे कि संजीव मुल्चंदानी और गिरीश छलवानी, लैंबॉर्गिनी के ग्राहक सम्बंधों की आलोचना करते हुए कहते हैं कि भारत में लक्जरी कार बाजार को ध्यान में रखते हुए ग्राहक सगाई पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। बड़े ब्रांड्स को ऐसे समय में सीधे ग्राहकों के साथ जुड़ना चाहिए और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर सिंघानिया को मिला समर्थन

सिंघानिया के इस कदम को बहुत से लोगों का समर्थन मिला। उनके फॉलोअर्स ने सोशल मीडिया पर लैंबॉर्गिनी के इस व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि कंपनी भारतीय ग्राहकों के महत्वपूर्ण महत्व को नजरअंदाज कर रही है। सिंघानिया, जिन्होंने पहले से फेरी 458, लैंबॉर्गिनी गैलार्डो और ऑडी Q7 जैसी लक्जरी कारों का स्वामित्व है, ने अपनी बात को मजबूती से रखा और लोगों से भी सबक लिया।

लैंबॉर्गिनी के प्रति ग्राहकों की अपेक्षाएँ और विश्वसनीयता का सवाल

गौतम सिंघानिया का मामला इस ओर ध्यान आकर्षित करता है कि लक्जरी कारें सिर्फ प्रतिष्ठा और स्टाइल का प्रतीक नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसकी संचालन विश्वसनीयता भी सर्वोपरि होनी चाहिए। विशेष रूप से एक ऐसे बाजार में, जहां लोग उच्चतम गुणवत्ता और उत्तम सेवा की अपेक्षा रखते हैं। ऐसे समय में जब लक्जरी कार के मालिकों की अपेक्षाएं आसमान छू रही हैं, कंपनियों के लिए जरूरी है कि वे अपने ग्राहकों की समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण करें ताकि उनका विश्वास बना रहे।

उद्योग में सुधार की आवश्यकता

भारत में लक्जरी कार के बाजार का निरंतर विस्तार हो रहा है, और ऐसे समय में जब ग्राहक निष्ठा सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक बनता जा रहा है, यह जरूरी है कि वैश्विक ब्रांड अपने ग्राहक सेवा को सुधारें। ग्राहकों के सुझावों और आलोचना को सचेत रूप से सुना जाना चाहिए और सुधारात्मक कार्रवाई उठाई जानी चाहिए। गौतम सिंघानिया जैसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों द्वारा उठाए गए मुद्दे इस बात का प्रतीक हैं कि बदलाव की जरूरत जल्द से जल्द है।

10 टिप्पणि

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    Roshini Kumar

    अक्तूबर 30, 2024 AT 02:41
    अरे भई लैंबॉर्गिनी वालों को तो लगता है जो इतने पैसे खर्च करता है वो खुद अपनी कार का इंजीनियरिंग डिज़ाइन कर ले... इलेक्ट्रिकल फेल्योर? अरे यार ये तो चाय के कप में बिजली का शॉर्ट सर्किट हो गया!
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    Siddhesh Salgaonkar

    अक्तूबर 31, 2024 AT 15:50
    बस अब लैंबॉर्गिनी वाले भारतीयों को अपने घरों में बैठकर लाइव गैलरी दिखाने लगे... अरे भाई जब तुम 5 करोड़ की कार लेते हो तो एक बार टेस्ट ड्राइव तो कर लो न? 😅 ये तो टॉयलेट में जाकर पानी नहीं आ रहा है!
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    Arjun Singh

    नवंबर 1, 2024 AT 10:12
    इलेक्ट्रिकल फेल्योर का मतलब है कि ब्रांड ने बैटरी और BMS सिस्टम को एक्स्ट्रीम डिज़ाइन रिक्वायरमेंट्स के बिना लॉन्च कर दिया... ये तो लैंबॉर्गिनी की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की बेकारी है। भारत में ग्राहक एंगेजमेंट का नया डिफिनेशन है: जब तक तुम ट्विटर पर नहीं बोलते, हम नहीं सुनते।
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    yash killer

    नवंबर 2, 2024 AT 18:23
    लैंबॉर्गिनी भारत को अपनी गाड़ियों के लिए गलियारा बनाती है लेकिन ग्राहक को गलियारे से बाहर धकेल देती है... ये तो अपने देश के आदमी का गौरव चुरा रही है! अब भारतीय ब्रांड बनाओ अपने लिए!
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    Ankit khare

    नवंबर 3, 2024 AT 00:12
    लैंबॉर्गिनी ने अपने ब्रांड को एक ब्रांड ऑफ एक्सक्लूसिविटी बना लिया है लेकिन अब वो एक ब्रांड ऑफ एक्सक्लूसिव नेग्लेक्शन बन गया है... अगर तुम्हारी कार में बैटरी फेल हो रही है तो तुम्हारा रिश्ता ब्रांड से नहीं बल्कि उसके इंजीनियरिंग टीम से टूट रहा है। अब तो लैंबॉर्गिनी के डिलीवरी वाले भी ट्रांस हार्बर पर टेस्ट ड्राइव करके आएंगे!
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    Chirag Yadav

    नवंबर 4, 2024 AT 00:54
    मुझे लगता है कि गौतम सिंघानिया ने बहुत साहस किया है... बहुत से लोग ऐसी बातें छुपा लेते हैं लेकिन उन्होंने जानबूझकर सामने लाया। अगर बड़े लोग नहीं बोलेंगे तो छोटे लोगों का क्या होगा? ब्रांड्स को सुनना चाहिए, न कि गाना चाहिए।
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    Shakti Fast

    नवंबर 5, 2024 AT 21:00
    हर कार एक बात कहती है... जब तुम इतना पैसा लगाते हो तो उसकी विश्वसनीयता भी उतनी ही होनी चाहिए। लैंबॉर्गिनी को बस एक बार ग्राहक के दिल को छूना होगा, न कि बैटरी को बदलना।
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    saurabh vishwakarma

    नवंबर 7, 2024 AT 11:48
    लैंबॉर्गिनी ने अपनी गाड़ी को बेचने के लिए ब्रांडिंग की है... लेकिन सेवा के लिए तो ब्रांडिंग भी नहीं की। ये तो बिल्कुल ऐसा है जैसे आप एक शानदार शादी का आमंत्रण भेजें और शादी के दिन बरामदे में खाना बनाने के लिए बाहर भाग जाएं।
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    MANJUNATH JOGI

    नवंबर 8, 2024 AT 13:17
    भारत में लक्जरी कारों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ ग्राहक की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं। लैंबॉर्गिनी को अपने ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को लोकलाइज़ करना होगा। ये बस एक कार नहीं, ये एक एक्सपीरियंस है। अगर एक्सपीरियंस फेल हो गया तो ब्रांड भी फेल हो जाएगा।
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    Sharad Karande

    नवंबर 10, 2024 AT 04:25
    लैंबॉर्गिनी के लिए यह एक बड़ा सीग्नल है कि उन्हें अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, टेस्टिंग प्रोटोकॉल और कस्टमर केयर प्रोसेसेज को भारतीय बाजार के अनुकूल बनाना होगा। एक इलेक्ट्रिकल फेल्योर एक टेक्निकल इशू नहीं, ये एक स्ट्रैटेजिक फेलियर है। अगर वे इसे अनदेखा करते रहे, तो भारतीय ग्राहकों का विश्वास एक बार फिर खो जाएगा।